महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान एवं करंट अफेयर्स तथ्य (12 अक्टूबर 2026)
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के चेन्नई में जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया।
♦️ जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय की शुरुआत वर्ष 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम में एक छोटे स्कूल के रूप में हुई थी।
♦️ वर्ष 1975 में चेन्नई के वेस्ट माम्बलम में इस विद्यालय की शुरुआत केवल सात विद्यार्थियों और सीमित संसाधनों के साथ हुई थी।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। स्वर्ण जयंती किसी संस्था के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
♦️ तिरुवल्लुवर महान तमिल कवि एवं संत थे। उनकी प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल नैतिकता, सदाचार, सामाजिक जीवन और व्यावहारिक ज्ञान से संबंधित शिक्षाओं के लिए जानी जाती है।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक राजनयिक मुलाकात के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया था।
♦️ तिरुवल्लुवर की शिक्षाएँ ज्ञान को व्यवहार में उतारने पर जोर देती हैं। तिरुक्कुरल नैतिक आचरण और जीवन के व्यावहारिक मूल्यों का मार्गदर्शन करता है।
♦️ महाकवि सुब्रमण्यम भारती, जिन्हें महाकवि भरतियार भी कहा जाता है, तमिल भाषा के प्रसिद्ध कवि, लेखक और राष्ट्रवादी विचारक थे।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में अपने संबोधन के दौरान महाकवि भरतियार के जीवन पर काशी के आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना से भरे वातावरण के प्रभाव का उल्लेख किया था।
♦️ तमिल अभिव्यक्ति ‘अचमिल्लई, अचमिल्लई’ का अर्थ है ‘डर नहीं, डर नहीं’। यह साहस, निर्भीकता और दृढ़ संकल्प की भावना व्यक्त करती है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी का उल्लेख किया।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के भारत के लक्ष्य का उल्लेख किया।
♦️ वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। विकसित भारत का लक्ष्य देश को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में विकसित राष्ट्र बनाना है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
♦️ विकसित भारत के लक्ष्यों में भारत को आत्मनिर्भर वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना शामिल है। इसका उद्देश्य देश की उत्पादन क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में गिरिजा अम्मा का उल्लेख किया था। उन्होंने बच्चों को देश के सैनिकों के लिए प्रतिदिन एक रुपया बचाने के लिए प्रेरित किया था।
♦️ गिरिजा अम्मा से प्रेरित होकर हजारों बच्चों ने देश के सैनिकों के लिए योगदान दिया और लगभग 40 लाख रुपये एकत्र किए।
♦️ चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 2014 के लगभग 750 से बढ़कर 1,300 से अधिक हो गई है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत में कॉलेजों की संख्या वर्ष 2014 के लगभग 38,000 से बढ़कर 52,000 से अधिक हो गई है।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में बताया कि क्यूएस रैंकिंग में शामिल भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 2015 में 14 थी।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि क्यूएस रैंकिंग में शामिल भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 2015 के 14 से बढ़कर 52 हो गई है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को देश के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा करने, तमिल संस्कृति को साझा करने और अलग-अलग पृष्ठभूमियों के लोगों से मित्रता करने के लिए प्रोत्साहित किया।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली शक्ति बताया। उन्होंने नए विचारों, नवाचार और समाधान विकसित करने में युवाओं की क्षमता पर जोर दिया।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने, दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने, आत्मनिर्भर वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने, ओलंपिक की मेजबानी करने और चंद्रमा पर भारतीय को भेजने जैसे लक्ष्यों का उल्लेख किया।
♦️ महाराजा अग्रसेन जी जनसेवा और सामाजिक सद्भाव के प्रणेता के रूप में जाने जाते हैं। उनके जीवन और आदर्शों से मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराजा अग्रसेन जी के जीवन और आदर्शों को मानवता के मार्ग पर निरंतर चलने की प्रेरणा का स्रोत बताया।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के महान विचार भारत के सांस्कृतिक उत्थान के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
♦️ लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था। उनकी जयंती प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को मनाई जाती है।
♦️ जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और राजनीतिक विचारक थे। उन्हें लोकनायक के नाम से जाना जाता है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें स्मरण किया और सुशासन तथा समाज के वंचित वर्गों तक पहुँचने के उनके आदर्शों पर बल दिया।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन राष्ट्र के नव-निर्माण का माध्यम बन सकता है।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आपातकाल के दौरान रही निडर आवाज़ और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके योगदान को याद किया।
♦️ लोकनायक जयप्रकाश नारायण सुशासन सुनिश्चित करने और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों तक पहुँचने के लिए प्रतिबद्ध थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को उनके इन आदर्शों का उल्लेख किया।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य करते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आदर्शों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
♦️ नानाजी देशमुख का जन्म 11 अक्टूबर 1916 को हुआ था। उनकी जयंती प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को मनाई जाती है।
♦️ नानाजी देशमुख ने ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन लाने पर जोर दिया।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और ग्रामीण विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया।
♦️ नानाजी देशमुख ने अपने विचारों और कार्यों से यह प्रदर्शित किया कि वास्तविक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत जमीनी स्तर से होती है।
♦️ नानाजी देशमुख ने राजनीतिक संकल्प और रचनात्मक सामाजिक कार्यों का समन्वय किया। उन्होंने ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया।
♦️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नानाजी देशमुख की जयंती पर कहा कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के उनके सपने को साकार करने के लिए देश निरंतर प्रयास करेगा।
♦️ नानाजी देशमुख को एक उत्कृष्ट राष्ट्र-निर्माता के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने ग्रामीण विकास, सामाजिक सेवा और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया।
♦️ 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय नौसेना का जहाज INS सह्याद्रि रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पहुँचा। यह भारत और रूस की नौसेनाओं के बीच आयोजित द्विपक्षीय अभ्यास इंद्र-2026 में भाग लेने के लिए वहाँ पहुँचा।
♦️ द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास इंद्र-2026 का आयोजन 13 से 18 अक्टूबर 2026 तक भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना के बीच किया जाएगा।
♦️ इंद्र-2026 भारत और रूस की नौसेनाओं के बीच आयोजित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है। इसका उद्देश्य समुद्री सहयोग, परिचालन समन्वय और पारस्परिक परिचालन क्षमता को बढ़ाना है।
♦️ भारतीय नौसेना का जहाज INS सह्याद्रि 10 अक्टूबर 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक पहुँचा। यह 13 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इंद्र-2026 अभ्यास में भाग लेगा।
♦️ इंद्र-2026 भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना के बीच द्विपक्षीय अभ्यास है। यह दोनों देशों की दीर्घकालिक रक्षा एवं समुद्री साझेदारी को मजबूत करता है।
♦️ इंद्र-2026 अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, पेशेवर सहयोग, परिचालन समन्वय और पारस्परिक परिचालन क्षमता को बेहतर बनाना है।
♦️ महासागर का पूर्ण रूप ‘क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति’ है। INS सह्याद्रि की इंद्र-2026 में भागीदारी भारत के इसी दृष्टिकोण के अनुरूप है।
♦️ 23वाँ भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन 4 और 5 दिसंबर 2025 को आयोजित किया गया था। इंद्र-2026 में INS सह्याद्रि की तैनाती दोनों देशों की रक्षा एवं समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।
♦️ इंद्र-2026 अभ्यास में पहले बंदरगाह चरण के दौरान विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इसके बाद दोनों नौसेनाएँ समुद्र में समन्वित परिचालन कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
♦️ इंद्र-2026 के दौरान सामाजिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भारतीय और रूसी नौसेना कर्मियों को आपस में संवाद करने, आपसी सौहार्द बढ़ाने और जन-स्तरीय संबंध मजबूत करने के अवसर मिलेंगे।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 का आयोजन 8 से 15 अक्टूबर 2026 तक ब्रिटेन के प्लायमाउथ के निकट दो चरणों में किया गया।
♦️ भारतीय नौसेना का आधुनिक मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल अभ्यास कोंकण-2026 में भाग लेने के लिए ब्रिटेन के प्लायमाउथ पहुँचा।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के बीच आयोजित वार्षिक समुद्री अभ्यास है। इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग और परिचालन समन्वय बढ़ाना है।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 का आयोजन 8 से 15 अक्टूबर 2026 तक ब्रिटेन के प्लायमाउथ के निकट किया गया।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 के समुद्री चरण में वायु, सतह और पानी के नीचे जटिल परिचालन गतिविधियाँ शामिल की गईं। इनका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं की परिचालन क्षमता और समन्वय को बेहतर बनाना था।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 में पनडुब्बी-रोधी अभ्यास, वायु रक्षा, फायरिंग, जटिल नौचालन गतिविधियाँ और एक-दूसरे के जहाजों पर विमान उतारने जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 के बंदरगाह चरण में पेशेवर संवाद, एक-दूसरे के जहाजों का दौरा, खेलकूद प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आमंत्रित आगंतुकों के लिए युद्धपोत देखने की गतिविधियाँ शामिल थीं।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 भारत-ब्रिटेन दृष्टिकोण 2035 में उल्लिखित व्यापक रणनीतिक साझेदारी और सुरक्षित, खुले एवं स्वतंत्र समुद्री क्षेत्र सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
♦️ कोंकण भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच आयोजित वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। यह दोनों देशों के रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा संबंधों को मजबूत करता है।
♦️ अभ्यास कोंकण-2026 का उद्देश्य बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान, आपसी समझ में वृद्धि और जटिल समुद्री परिस्थितियों में दोनों नौसेनाओं की प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता को मजबूत करना है।
♦️ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया 12 और 13 अक्टूबर 2026 को मिजोरम में विकास-केंद्रित कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
♦️ 12 और 13 अक्टूबर 2026 की यात्रा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री के रूप में ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की मिजोरम की दूसरी यात्रा होगी।
♦️ नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 का आयोजन अक्टूबर 2026 में मिजोरम विश्वविद्यालय में किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में वित्तीय समावेशन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
♦️ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया 13 अक्टूबर 2026 को मिजोरम विश्वविद्यालय में नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 का उद्घाटन करेंगे और मुख्य भाषण देंगे।
♦️ 12 और 13 अक्टूबर 2026 को ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया मिजोरम विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विद्यार्थियों और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
♦️ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के साथ राज्य में 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
♦️ अक्टूबर 2026 में ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा राज्य में 10 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
♦️ नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 में पूर्वोत्तर क्षेत्र में वित्तीय समावेशन बढ़ाने, ऋण की उपलब्धता सुगम बनाने और आर्थिक विकास को गति देने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
♦️ अक्टूबर 2026 की प्रेस सूचना के अनुसार, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री हैं।
♦️ 12 अक्टूबर 2026 को ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया आइजोल पहुँचने के बाद तुइवामित का दौरा करेंगे, जहाँ वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
♦️ मिजोरम यात्रा के दौरान ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया मिजोरम विश्वविद्यालय में अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर क्षेत्र से संबंधित है।
♦️ नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0 में बैंकिंग क्षेत्र को पूर्वोत्तर क्षेत्र में वित्तीय समावेशन, ऋण उपलब्धता और आर्थिक विकास को गति देने वाले प्रमुख भागीदार के रूप में देखा जाएगा।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे में एपीएआरसी अर्ली करियर रिसर्चर कार्यशाला 2026 का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं के बीच सहयोग, कौशल विकास और वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा देना था।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यशाला का शीर्षक “द ईसीआर नेक्सस: कनेक्टिंग वॉयसेस, टूल्स, एंड साइंस टू सोसाइटी” था। इसमें युवा शोधकर्ताओं, वैज्ञानिक उपकरणों और समाज के बीच संबंध मजबूत करने पर ध्यान दिया गया।
♦️ ईएसटीआईसी का पूरा नाम इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्फ्रेंस है। यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग, अनुसंधान तथा नए समाधानों को प्रोत्साहित करने वाला मंच है।
♦️ ईएसटीआईसी 2026 का उद्देश्य “रचनात्मक सोच, विज्ञान को उत्प्रेरित करना, प्रौद्योगिकी को सशक्त बनाना” है। इसका लक्ष्य वैज्ञानिक प्रतिभाओं को जोड़ना, युवा नवप्रवर्तकों को प्रेरित करना और भारत की तकनीकी प्रगति को मजबूत करना है।
♦️ ईएसटीआईसी विभिन्न मंत्रालयों, वैज्ञानिकों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और डीप-टेक स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाता है। इसका उद्देश्य नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।
♦️ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार ने ईसीआर कार्यशाला और ईएसटीआईसी के पूर्वावलोकन कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नीति के समन्वय पर जोर दिया।
♦️ मैरीलैंड विश्वविद्यालय की डॉ. मारिया मोलिना ने 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यशाला में पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) पर मुख्य व्याख्यान दिया।
♦️ एपीएआरसी अर्ली करियर रिसर्चर कार्यशाला 2026 में लगभग 120 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें युवा शोधकर्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, संपादक और विभिन्न संस्थानों के पेशेवर शामिल थे।
♦️ कार्यशाला में पृथ्वी प्रणाली मॉडल मूल्यांकन उपकरण (ईएसएमवैलटूल) पर तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पृथ्वी प्रणाली मॉडलों के मूल्यांकन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान करना था।
♦️ ईएसटीआईसी सरकारी मंत्रालयों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगपतियों और डीप-टेक स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाकर अत्याधुनिक अनुसंधान, सहयोग और राष्ट्रीय चुनौतियों के लिए नवोन्मेषी समाधानों को प्रोत्साहित करता है।
♦️ एपीएआरसी अर्ली करियर रिसर्चर कार्यशाला 2026 का आयोजन 11 अक्टूबर 2026 को आईआईटीएम पुणे में एपीएआरसी जनरल असेंबली 2026 से पहले किया गया। कार्यशाला में वायुमंडलीय और जलवायु अनुसंधान से जुड़े युवा वैज्ञानिकों के विकास पर ध्यान दिया गया।
♦️ कार्यशाला में करियर के अवसरों, वैज्ञानिक संचार, अनुसंधान चुनौतियों, वित्तपोषण, कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुँच और अंतरराष्ट्रीय वायुमंडलीय एवं जलवायु अनुसंधान समुदाय के साथ सहयोग पर चर्चा की गई।
♦️ ईएसटीआईसी 2026 में सरकारी मंत्रालयों, नीति निर्माताओं, शीर्ष वैज्ञानिकों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगपतियों और डीप-टेक स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया है।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यशाला में नेचर पोर्टफोलियो और स्प्रिंगर नेचर के प्रतिनिधियों के साथ ‘मीट द एडिटर्स’ नामक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक प्रकाशन से जुड़े अनुभव और जानकारी उपलब्ध कराना था।
♦️ एपीएआरसी कार्यशाला का उद्देश्य वायुमंडलीय एवं पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में युवा शोधकर्ताओं के बीच सहयोग, कौशल विकास और वैज्ञानिक संवाद को मजबूत करना था।
♦️ भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम का सातवाँ चरण संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता और आपसी संबंधों को मजबूत करना है।
♦️ उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने युवा संगम चरण VII के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 से पश्चिम बंगाल की यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अनुभवात्मक शिक्षा और आपसी समझ को बढ़ावा देना था।
♦️ 8 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई।
♦️ युवा संगम चरण VII के अंतर्गत पश्चिम बंगाल की यात्रा करने वाले उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल का नोडल संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय था।
♦️ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस यात्रा में प्रतिभागियों को पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और शैक्षणिक परिवेश को समझने का अवसर मिला।
♦️ 9 अक्टूबर 2026 को युवा संगम चरण VII के अंतर्गत उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल ने कोलकाता में प्रिंसेप घाट और सुंदरवन का दौरा किया। इस यात्रा से प्रतिभागियों को पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को जानने का अवसर मिला।
♦️ प्रिंसेप घाट कोलकाता में हुगली नदी के किनारे स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल है। युवा संगम चरण VII के दौरान उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने 9 अक्टूबर 2026 को इसका दौरा किया।
♦️ युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की सांस्कृतिक परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों और विकासात्मक पहलों से परिचित कराना तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
♦️ युवा संगम कार्यक्रम के सातवें चरण में 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार प्रणालियों और विकासात्मक पहलों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया गया।
♦️ भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षा विभाग ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम का संचालन कर रहा है।
♦️ युवा संगम विभिन्न राज्यों के युवाओं को सांस्कृतिक आदान-प्रदान और साझा अनुभवों के माध्यम से जोड़ता है। इससे राष्ट्रीय एकता, आपसी सम्मान और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा मिलता है।
♦️ 12 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के केलांग में आईसीएमआर के अधिक-ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास करेंगे।
♦️ आईसीएमआर के अधिक-ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र को आईसीएमआर-सीएचएएमपी (ICMR-CHAMP) नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य अधिक ऊंचाई वाले और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करना है।
♦️ आईसीएमआर का पहला अधिक-ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के केलांग में स्थापित किया जाएगा।
♦️ भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद का अंग्रेजी नाम Indian Council of Medical Research है। इसका संक्षिप्त नाम ICMR है। यह भारत में जैव चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान से संबंधित प्रमुख संस्थान है।
♦️ आईसीएमआर-सीएचएएमपी की स्थापना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अंतर्गत भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा की जा रही है।
♦️ आईसीएमआर-सीएचएएमपी का उद्देश्य अधिक ऊंचाई वाले और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में बहु-विषयक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।
♦️ आईसीएमआर-सीएचएएमपी दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बेहतर बनाने के लिए डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन, ड्रोन-संचालित स्वास्थ्य लॉजिस्टिक्स और वास्तविक समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को एकीकृत करने पर काम करेगा।
♦️ केंद्र के अनुसंधान क्षेत्र में अधिक ऊंचाई पर शरीर का अनुकूलन, पर्वतीय चिकित्सा, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य और आपदा चिकित्सा शामिल होंगे।
♦️ हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में स्थित केलांग अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में आता है। केंद्र की स्थापना से यहाँ की जलवायु, पर्यावरण, जनजातीय स्वास्थ्य और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर दीर्घकालिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
♦️ 12 अक्टूबर 2026 को केलांग में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रीन आईसीएमआर कैंपस पहल’ के अंतर्गत स्थानीय हिमालयी पौधों का वृक्षारोपण किया जाएगा।
♦️ आईसीएमआर-सीएचएएमपी की पहल में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा, राष्ट्रीय महत्व के अनुसंधान संस्थानों और हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ संस्थागत सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अनुसंधान, वैज्ञानिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है।
♦️ केलांग में स्थापित होने वाला यह केंद्र अधिक ऊंचाई वाले और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाली आबादी तथा जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक क्षेत्रीय अनुसंधान करेगा।
♦️ केंद्र जलवायु-संवेदनशील और उभरती बीमारियों, पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा जलवायु-अनुकूल स्वास्थ्य प्रणालियों पर अनुसंधान करेगा। इसका उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों की विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए वैज्ञानिक समाधान विकसित करना है।
♦️ आईसीएमआर-सीएचएएमपी से अधिक-ऊंचाई चिकित्सा के क्षेत्र में भारत का वैश्विक अनुसंधान योगदान मजबूत होने की उम्मीद है। यह केंद्र हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े वैज्ञानिक अध्ययनों को आगे बढ़ाएगा।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल के 94वें संस्करण का आयोजन किया गया।
♦️ केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
♦️ कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने, फिटनेस अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना था।
♦️ वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक साइकिल चालकों ने हिस्सा लिया।
♦️ कार्यक्रम में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर नशा-मुक्त युवा और स्वस्थ भारत का संदेश दिया।
♦️ 11 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर सुबह 6:00 बजे ध्यान सत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
♦️ हैदराबाद के कान्हा शांतिवनम स्थित हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट की युवा कार्यक्रम निदेशक डॉ. निवेदिता श्रेयांस ने ध्यान सत्र का नेतृत्व किया।
♦️ ध्यान सत्र के बाद कथक प्रस्तुति और जुम्बा सत्र आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से सामुदायिक भागीदारी और समग्र कल्याण को बढ़ावा दिया गया।
♦️ डॉ. मनसुख मांडविया और प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने तथा नशा-मुक्त पीढ़ी बनाने के संकल्प के साथ नशा मुक्त भारत की शपथ ली।
♦️ डॉ. मनसुख मांडविया ने नमो घाट से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय तक 5.5 किलोमीटर की साइकिल रैली का नेतृत्व किया।
♦️ प्राची चौधरी ने 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता।
♦️ पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दौड़ में दो कांस्य पदक जीते।
♦️ जय कुमार ने मिश्रित 4×400 मीटर रिले में रजत पदक और पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीता।
♦️ राज कुमार पाल भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सदस्य थे, जिसने 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
♦️ कार्यक्रम में शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया गया।
♦️ कार्यक्रम ने साइकिलिंग, ध्यान, सांस्कृतिक गतिविधियों और नशा-मुक्त भारत की शपथ के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
♦️ कार्यक्रम ने नागरिकों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने, फिटनेस को दिनचर्या में शामिल करने और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
♦️ इस कार्यक्रम ने सफल एथलीटों को समुदायों के करीब लाकर युवाओं को उनसे बातचीत करने और उनके अनुशासन, लगन तथा समर्पण से प्रेरणा लेने का अवसर दिया।
♦️ भारत सरकार ने घरेलू दलहन उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर 2025 को दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया।
♦️ दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए छह वर्षों की अवधि, 2025-26 से 2030-31 तक, ₹11,440 करोड़ का वित्तीय आवंटन किया गया है।
♦️ मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक भारत में दलहन उत्पादन को लगभग 350 लाख टन तक पहुँचाना है।
♦️ मिशन के अंतर्गत वर्ष 2030-31 तक दलहन की उत्पादकता बढ़ाकर 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
♦️ मिशन में तूर (अरहर), उड़द और मसूर के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
♦️ मिशन के अंतर्गत छह वर्षों में 87.5 लाख मुफ्त बीज किट वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
♦️ दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए मिशन में छह वर्षों के दौरान 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित करने का लक्ष्य है।
♦️ मिशन के तहत दलहन की खेती का दायरा 35 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। वर्ष 2030-31 तक कुल 310 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य तक पहुँचने की योजना है।
♦️ दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए मिशन के अंतर्गत 489 जिलों को शामिल करते हुए क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है।
♦️ मिशन के तहत दलहन के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 दाल प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है।
♦️ भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (NAFED) को तूर, उड़द और मसूर की खरीद के लिए अधिकृत किया गया है।
♦️ इन दोनों संस्थाओं को चार वर्षों की अवधि, 2025-26 से 2028-29 तक, तूर, मसूर और उड़द की 100% खरीद के लिए अधिकृत किया गया है।
♦️ दालों में लगभग 20-25% प्रोटीन होता है। यह गेहूँ से दोगुने से अधिक और चावल से लगभग तीन गुना अधिक बताया गया है।
♦️ तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार, भारत का कुल दलहन उत्पादन 2024-25 के 256.83 लाख टन से बढ़कर 2025-26 में 274.09 लाख टन हो गया।
♦️ दलहन की खेती का रकबा 2024-25 के 277.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में 286.46 लाख हेक्टेयर हो गया।
♦️ राष्ट्रीय स्तर पर दलहन की उत्पादकता 2024-25 में 926 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में 957 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई।
♦️ भारत में दलहन का आयात मूल्य 2024-25 के ₹46,427.60 करोड़ से घटकर 2025-26 में ₹31,793.59 करोड़ हो गया, जो 31.52% की कमी दर्शाता है।
♦️ भारत का दलहन निर्यात 2024-25 के 855 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 969.53 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इस अवधि में कुल निर्यात 10.01 लाख टन रहा।
♦️ वर्ष 2025-26 में भारत से दलहन निर्यात के प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका और श्रीलंका शामिल थे।
♦️ उड़द का MSP 2024-25 के ₹7,400 प्रति क्विंटल से ₹800 बढ़ाकर 2026-27 के लिए ₹8,200 प्रति क्विंटल कर दिया गया।
♦️ तूर (अरहर) का MSP 2024-25 के ₹7,550 प्रति क्विंटल से ₹900 बढ़ाकर 2026-27 के लिए ₹8,450 प्रति क्विंटल किया गया।
♦️ मसूर का MSP 2024-25 के ₹6,700 प्रति क्विंटल से ₹300 बढ़ाकर 2026-27 के लिए ₹7,000 प्रति क्विंटल कर दिया गया।
♦️ 17 जून 2026 तक एनसीसीएफ ने नौ राज्यों में कुल 10.55 लाख टन दालों की खरीद की थी और किसानों को सीधे ₹7,047 करोड़ का MSP भुगतान जारी किया गया था।
♦️ एनसीसीएफ की दाल खरीद पहल में कुल 7.74 लाख पंजीकृत किसानों में से 4.69 लाख किसानों को लाभ हुआ था।
♦️ प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण क्षमताओं के सृजन और विस्तार (CEFPPC) के लिए 23 दाल प्रसंस्करण इकाइयों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 18 इकाइयों का काम पूरा हो चुका था।
♦️ मिशन के तहत 1,000 दाल प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है। पहले चरण में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 528 इकाइयाँ आवंटित की जा चुकी थीं।
♦️ कृषि मैपर एप्लिकेशन बीज किस्मों के प्रदर्शन की जियो-फेंसिंग, भूमि की जियो-टैगिंग और फसल समूहों की निगरानी में सहायता करता है।
♦️ साथी (SATHI) पोर्टल बीज उत्पादन से लेकर प्रमाणन और बिक्री तक पूरी बीज आपूर्ति श्रृंखला के स्वचालन और निगरानी के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है।
♦️ राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर योजना के कार्यान्वयन एवं प्रगति की निगरानी के लिए त्रि-स्तरीय संचालन समिति नेटवर्क बनाया गया है।
♦️ ई-समृद्धि और विस्तार जैसे सत्यापन प्लेटफॉर्म प्रत्यक्ष भुगतान, रीयल-टाइम बाजार डेटा और घरेलू मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं।
♦️ मिशन का उद्देश्य घरेलू दलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
♦️ छह वर्षों में 87.5 लाख बीज किट वितरित करने के लक्ष्य के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के दौरान 9.25 लाख बीज किट वितरित की गईं।